जबसे दादा जी से लगने लगी रे
जबसे दादा जी से लगने लगी रे ऐसा नशा छा गया
छा गया रे जीने का मजा आ गया
जबसे दादाजी ने अपना बनाया दुनिया से ठुकराए
दुनिया ना जाने दर्द किसी का तेरी शरण आ गया, आ गया रे....
मन की चिंता दूर हुई है फिर तू क्यों घबराए
तरस रही अखियां दरस बिना रे तेरी शरण आ गया, आ गया रे....
जीवन नैया तेरे हवाले पार करो गुरुदेव
बीच भंवर में नैया डूब ना जाए तेरी शरण आ गया, आ गया रे....