ये तो प्रेम की बात है उधो
ये तो प्रेम की बात है उधो, बंदगी तेरे बस की नहीं है
यहाँ तो सरज के होते हैं सौदे, आशकी इतनी सस्ती नहीं है
प्रेम वालों ने सब वक्त पूजा, उनकी पूजा में सुन लेते उधो
यहाँ दम दम होती है पूजा, सर झुकाने की फुर्सत नहीं है
ये तो प्रेम की बात...
जो असल में हैं मस्ती में डूबे, उन्हें क्या परवाह ज़िन्दगी की
जो उतरती है चढ़ती है मस्ती, वो असल में मस्ती नहीं है
ये तो प्रेम की बात...
जिनकी नज़रों में हैं दादा प्यारे, वो तो रहते हैं जग से नियारे
जिनकी नज़रों में दादा समाए, वो नज़र फिर तरसती नहीं है
ये तो प्रेम की ब