सुर के घुंघरू बांध पैर में
सुर के घुंघरू बांध पैर में, आज श्याम में नाचूंगी
तेरी बंसी की धुन होगी, प्रेम कथा में बाँचूंगी
एक एक घुंघरू एक एक सुर में, सात सुरों की पायलिया
ऐसा नृत्य हुआ ना होगा, नाचेगी यह बाँवरिआ
कितना सुख है और साधना, आज श्याम मैं जांचूंगी
तेरी बंसी की धुन होगी...
कठिन साधना तेरी मोहन, कठिन तपस्या मेरी है
एक है इच्छा और भी मोहन, कठिन समस्या मेरी है
फिर भी होगी पूरी इच्छा, मुरली बनकर बाजूंगी
तेरी बंसी की धुन होगी...
यहीं पर होगी रास की लीला, जमुना तट के उपवन में एक
इक इक राधा इक इक मोहन, गोपी के संग दर्शन में
प्रेम कथा जो सागर डूबा, तेरे मन में विराजूंगी
तेरी बंसी की धुन ओगी...